भारतीय अर्थव्यवस्था में सट्टा का का अतीत विशाल है। यह आमतौर पर इक्विटी स्थान और माल स्थान में पता देता है। निवेशकों द्वारा दरों में परिवर्तन का अनुमान होने की प्रबंध की जाती है, जिससे लाभकारी अपेक्षा होती है, लेकिन नुकसान भी जुड़ा रहता है। इस विधि अनुमति गतिविधियों से बढ़ता हो सकता है, हालांकि कानून